5 Seated Poses for 40-Day Pain Relief

40 दिनों तक दर्द से राहत के लिए 5 आसन | 5 Seated Poses for 40-Day Pain Relief

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह उठते ही कमर दर्द, पेट फूला हुआ, दिमाग में हजार विचार – ये सब आम हो गया है। अच्छी बात ये है कि इसके लिए जिम जाने, महँगे इक्विपमेंट (equipment) खरीदने या घंटों पसीना बहाने की ज़रूरत नहीं।

5 जादुई बैठकर किए जाने वाले योगासन (5 Sitting Yoga Asanas)

ये पाँचों आसन आपको बिना खड़े हुए ही करने हैं – दरी पर, बिस्तर पर या कुर्सी पर बैठकर भी हो जाएँगे। रोज़ सिर्फ 30-40 मिनट दें। 40-50 दिन लगातार करने से पुराना कमर दर्द, घुटनों का दर्द, कंधों की जकड़न (shoulder ache), सर्वाइकल (survical), गैस-कब्ज और तनाव सब धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा। शरीर हल्का और दिमाग शांत महसूस होगा। अब सीधे नाम देख लीजिए, फिर हर आसन का पूरा तरीका और फायदे अलग-अलग बताएँगे:

1. सुखासन (Sukhasana) – शांति की पहली सीढ़ी

सबसे साधारण, सबसे ज़रूरी। बायाँ पैर दाहिनी जंघ के नीचे, दाहिना पैर बायीं जंघ के नीचे। रीढ़ बिल्कुल सीधी, कंधे ढीले, हाथ घुटनों पर ज्ञान मुद्रा या सिर्फ़ हथेली ऊपर रखकर। बस आँखें बंद करो और साँस को देखते रहो।

फायदे:

  •  10 मिनट में दिमाग की सारी हलचल शांत
  •  कमर-कूल्हे-घुटनों की जकड़न धीरे-धीरे खुलती है
  •  सुबह इसी में प्राणायाम करो तो पूरा दिन दिमाग फ्रेश
  •  रात को नींद न आए तो 20 मिनट बैठ जाओ – नींद अपने आप आ जाएगी
  •  60-70 साल के बुजुर्ग भी बिना तकलीफ़ रोज़ 15-20 मिनट कर सकते हैं। एक महीना करते रहो, शरीर में हल्कापन साफ़ दिखेगा।

2. वज्रासन (Vajrasana) – पाचन तंत्र का सबसे बड़ा दोस्त

खाना खाने के तुरंत बाद भी कर सकते हो – यही एकमात्र आसन है जिसकी ये खासियत है। घुटने मोड़ो, एड़ियों पर हिप्स टिकाओ, दोनों एड़ियाँ आपस में सटी हुई। पीठ सीधी, हाथ जांघों पर।

फायदे:

  •  रात का खाना खाकर 20-25 मिनट कर लिया तो सुबह पेट हल्का-हल्का
  •  गैस, अपच, कब्ज, Acidity हमेशा के लिए अलविदा
  •  घुटनों और टखनों को मज़बूती
  •  डायबिटीज के मरीज़ रोज़ 20-25 मिनट करें तो शुगर लेवल काफ़ी कंट्रोल में रहता है
  •  पेट की चर्बी भी धीरे-धीरे पिघलती है

जिनके घुटनों में दर्द है, वे 30 सेकंड से शुरू करें, फिर धीरे-धीरे बढ़ाएँ।

3. अर्ध पद्मासन / पद्मासन (Ardha Padmasana / Padmasana) – ध्यान की असली कुंजी

शुरुआत में एक पैर दूसरी जंघ पर रखो (अर्ध पद्मासन) (Ardha Padmasana / Padmasana), जब कूल्हे खुल जाएँ तब दोनों पैर (पूर्ण पद्मासन)।

फायदे:

  •  दिमाग एकदम स्थिर, घंटों ध्यान लगाना आसान
  •  कूल्हे, घुटने, टखने पूरी तरह खुल जाते हैं
  •  पैरों की सूजन कम होती है, blood circulation बेहतरीन
  •  लड़कियों/महिलाओं को periods cramps में बहुत राहत
  •  सदियों से योगी-मुनि इसी आसन में तप करते आए हैं

शुरू में 1-2 मिनट ही करो, 20-25 दिन में पैर खुद-ब-खुद सेट हो जाएँगे।

4. गोमुखासन (Gomukhasana) – कंधों और छाती का रामबाण

पैर:- एक घुटना दूसरे के ठीक ऊपर।

हाथ:- एक हाथ ऊपर से कंधे के पीछे, दूसरा नीचे से पीछे – उंगलियाँ आपस में लॉक। 30-40 सेकंड रुककर साइड बदलो।

फायदे:

  •  कंधों की जकड़न 30 सेकंड में खुलती है
  •  लैपटॉप/मोबाइल वाले लोगों का सबसे बड़ा दर्द (गर्दन, कंधा, पीठ) गायब
  •  सर्वाइकल, सिर दर्द, migraine में तुरंत राहत
  •  छाती पूरी खुलती है, साँस गहरी और लंबी होने लगती है
  •  Thyroid, diabetes, asthma, heart problems में भी फ़ायदा

ऑफ़िस में कुर्सी पर भी सिर्फ़ हाथ वाला हिस्सा कर सकते हो – कोई नहीं देखेगा, फायदा ज़बरदस्त मिलेगा।

5. पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana) – कमर और पेट की चर्बी

दोनों पैर सीधे सामने फैलाओ। साँस छोड़ते हुए आगे झुको, जितना आसानी से हो उतना। उंगलियाँ पकड़ सको तो पकड़ो, नहीं तो टखनों या घुटनों पर हाथ रखो।

फायदे:

  •  पेट, कमर, जांघ की चर्बी तेज़ी से घटती है
  •  कमर दर्द, स्लिप डिस्क, सायटिका (sciatica) में आराम
  •  लिवर, किडनी, पैनक्रियाज सक्रिय होते हैं
  •  डायबिटीज, थायरॉइड, PCOD/PCOS में दवा जितना असर
  •  गुस्सा, चिड़चिड़ापन, तनाव तुरंत कम
  •  रीढ़ की हड्डी फिर से जवान जैसी लचीली

शुरू में घुटने मोड़ सकते हो, धीरे-धीरे सीधे करते जाओ।

रोज़ाना का 30-40 मिनट का पूरा Routine

  • सुखासन – 10 मिनट
  • वज्रासन – 10- 15 मिनट
  • अर्ध पद्मासन/पद्मासन – 5 -7 मिनट
  • गोमुखासन – दोनों तरफ 3-3 मिनट
  • पश्चिमोत्तानासन – 7-10 मिनट

निष्कर्ष (Conclusion)

ये पाँच आसन कोई जादू की छड़ी नहीं हैं जो रातोंरात सब बदल देंगे, लेकिन ये वो चाबी हैं जो आपकी जिंदगी के ताले धीरे-धीरे, पक्के तौर पर खोल देती हैं। जब आप रोज़ दरी बिछाकर इन पाँच मुद्राओं में 30-40 मिनट बिताते हैं, तो शरीर की हर कोशिका में नई ऑक्सीजन पहुँचती है, नसें शांत होती हैं, हार्मोन्स बैलेंस में आते हैं, बस एक ही शर्त है – आज से शुरू करो, कल पर मत टालो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. क्या मुझे योग मैट चाहिए?

A. नहीं, साधारण दरी या कंबल ही काफ़ी है। मैट हो तो और अच्छा।

Q. घुटनों में दर्द है, क्या कर सकते हैं?

A. वज्रासन 30 सेकंड से शुरू करो, नीचे तकिया रख सकते हो। बाकी आसन में भी तकिया/कुशन (pillow) का इस्तेमाल करो। 1 महीने में दर्द अपने आप कम हो जाएगा।

Q. क्या प्रेग्नेंसी ( pregnancy) में कर सकते हैं?

A. सुखासन और गोमुखासन कर सकती हैं। बाकी डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह ज़रूर लें।

Q. कितने दिन में रिजल्ट दिखेगा?

A. नींद और मानसिक शांति 7-10 दिन में, पेट हल्का 15-20 दिन में, चर्बी और लचीलापन 40-50 दिन में साफ़ दिखता है।

Q. क्या बच्चों को सिखा सकते हैं?

A. बिल्कुल, 8-10 साल से ऊपर के बच्चे आसानी से कर सकते हैं। उनके लिए ये कॉन्सन्ट्रेशन (concentration) बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है।

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